तथ्यभारती

भारत में आर्थिक पत्रकारिता की शुरूआत के प्रायः 126 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। शुरूआत के कई सालों तक आर्थिक पत्रकारिता के क्षेत्र में अंग्रेजी का ही प्रभुत्व छाया रहा। भाषाई क्षेत्र इस विशेषीड्डत पत्रकारिता तक पहुँच नहीं बना पाया। धीरे-धीरे भाषाई क्षेत्र में भी आर्थिक विकास के परिपेक्ष्य में आर्थिक प्रकाशनों की उपयोगिता बढ़ी। ”तथ्यभारती“ इसका उदाहरण है।
1995 से प्रकाशित तथ्यभारती को प्रकाशन का 22 वर्ष में प्रवेश कर प्रकाशन के विभिन्न उतार चढ़ाव पार कर चुकी हे ,22 वर्षों का समय को तय करना तथ्यभारती की जीवंतता का प्रतीक होने के साथ ही हिंदी आर्थिक मासिकी के रूप में पहचान बनी है।
तथ्यभारती का प्रकाशन भले आंचलिक हो, पर राष्ट्रीय सरोकारों की निष्पक्ष प्रस्तुति और रचनात्मक दृष्टिकोण के कारण राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता बढ़ी है। गौरतलब है कि अधिकांश हाई-प्रोफाइल और ग्लॉसी पेपर पर मुद्रित पत्रिकाएँ मुश्किल से 5 वर्ष भी नहीं चल पाई, पर तथ्यभारती 22वें वर्ष में है। इसका बहुत कुछ श्रेय देश भर में फैले हमारे आजीवन ग्राहकों, विज्ञापनदाताओ और सम्मानीय लेखकों के उदार संरक्षण को जाता है।
तथ्य्भारती की टीम मे प्रमुख अर्थशास्त्री , वरिष्ठ पत्रकार , प्रोफेसर और सकारात्मक अर्थशास्त्र विश्लेषक शामिल हे जो इसको एक विशेष पहेचान देते हे ! देश के आर्थिक परिदृश्य का स्टिक और सकारात्मक विश्लेषण करके पाठको को आर्थिक मुद्दों पर जागरूकता बढाना ही तथ्य्भारती का उद्देश्य हे !

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